
x
20 दिन तक वीडियो कॉल पर बंधक जैसा रखा, ₹2 करोड़ ठगे
जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में बुजुर्ग दंपती को करीब 20 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट कर दो करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी करने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सेंट्रल साइबर क्राइम पुलिस थाना जयपुर की टीम ने आरोपी ललित विश्वास को पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले से गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
पुलिस अधिकारी बनकर गिरफ्तारी का डर दिखाया
पुलिस के अनुसार, पीड़ित महिला ने 11 सितंबर 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी। महिला ने बताया कि 17 अगस्त को एक व्यक्ति ने फोन कर खुद को पुलिस इंस्पेक्टर बताया और उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी होने की बात कही। इसके बाद आरोपियों ने एटीएस, एनआईए, आरबीआई और अन्य सरकारी संस्थाओं के अधिकारी बनकर वीडियो कॉल किए। दंपती को आतंकवादी गतिविधियों के वित्तपोषण और संदिग्ध बैंक लेन-देन से जुड़े होने का डर दिखाया गया।
20 दिन तक वीडियो कॉल पर रखा
आरोपियों ने व्हाट्सऐप पर फर्जी सरकारी दस्तावेज, बैंकिंग प्रमाण-पत्र और स्क्रीनशॉट भेजकर दंपती को डराया। गिरफ्तारी से बचाने के नाम पर उन्हें लगातार वीडियो कॉल पर रहने के निर्देश दिए गए। इस दौरान अलग-अलग बैंक खातों में दो करोड़ रुपये से अधिक की रकम ट्रांसफर करवा ली गई।
7 लाख के लेन-देन में 70 हजार कमीशन का आरोप
साइबर पुलिस ने बैंक स्टेटमेंट, कॉल डिटेल, व्हाट्सऐप चैट और केवाईसी दस्तावेजों की जांच की। इसमें सामने आया कि आरोपी ललित विश्वास द्वारा उपलब्ध कराए गए एचडीएफसी बैंक खाते में 2 सितंबर को सात लाख रुपये जमा हुए थे। पुलिस के मुताबिक, इस लेन-देन में आरोपी को कथित तौर पर 70 हजार रुपये कमीशन मिला था। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस साइबर क्राइम विजय कुमार सिंह ने बताया कि ठगी के नेटवर्क और रकम के लेन-देन की जांच जारी है। पुलिस अन्य संबंधित लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है।
Next Story





